Thursday, November 13, 2014

बाल दिवस विशेष : सरकार ने 14 से 19 नवंबर तक ‘स्वच्छ बालक मिशन’ शुरू करने का किया फैसला

  • पहले दिन 14 नवंबर को  स्कूल व खेल मैदान की सफाई
  • 15 नवंबर को स्वच्छ भोजन
  • 17 नवंबर को व्यक्तिगत स्वच्छता
  • 18 नवंबर को शुद्ध व साफ पेयजल तथा 
  • 19 नवंबर को स्वच्छ शौचालय संबंधी गतिविधियां 
  • प्रदेश सरकार ने  ‘स्वच्छ बालक मिशन’ शुरू करने का किया फैसला
  • शुरुआत 14 नवंबर से समस्त स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में से

आयोजित कर बच्चों में जागरूकता लाई जाएगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर इन दिनों में ग्राम पुष्टाहार दिवस मनाया जाएगा। इसमें माताओं की सहभागिता भी तय की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने 14 से 19 नवंबर तक ‘स्वच्छ बालक मिशन’ शुरू करने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत 14 नवंबर से समस्त स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी। पंचायतीराज निदेशक उदयवीर सिंह यादव ने बताया कि पहले दिन स्कूल व खेल मैदान की सफाई, 15 को स्वच्छ भोजन, 17 को व्यक्तिगत स्वच्छता, 18 शुद्ध व साफ पेयजल तथा 19 नवंबर को स्वच्छ शौचालय संबंधी गतिविधियां आयोजित कर बच्चों में जागरूकता लाई जाएगी। इस दौरान सीबीएसई बोर्ड स्वच्छता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर आनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर इन दिनों में ग्राम पुष्टाहार दिवस मनाया जाएगा। इसमें माताओं की सहभागिता तय की जाएगी।

गणित-विज्ञान शिक्षकों की नियुक्ति की बाधा होगी दूर : नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया भी जल्द

लखनऊ (ब्यूरो)। उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। सचिव एचएल गुप्ता ने परिषद के सचिव संजय सिन्हा को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट में इस संबंध में विचाराधीन वाद में कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने की अनुमति प्राप्त की जाए। विज्ञान व गणित के 29,334 शिक्षक पदों के लिए अब तक पांच चरण की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा है कि इसके बाद रिक्त पदों का ब्यौरा प्राप्त कर लिया जाए और यदि कुछ पद रिक्त हैं तो उसके लिए भी काउंसलिंग कराई जाए। 

कक्षा एक से बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने पर ज़ोर : स्कूलों का शैक्षिक सत्र भी अप्रैल से

  • परिषद स्कूलों का शैक्षिक सत्र भी अप्रैल से
  • मार्च में ही रिजल्ट घोषित करने की है तैयारी
  •  कक्षा एक से ही अंग्रेजी की अच्छी शिक्षा पर जोर
  • नैतिक शिक्षा भीदेने पर दिया ज़ोर 
  •  ब्लाक स्तर पर एक आदर्श स्कूल बनाने के निर्देश

Wednesday, November 12, 2014

Facts and Figures

S. No.CodeDescription
1More than 1.36 million schools imparting Elementary education has been covered under DISE 2010-11
2About 34 thousand Unrecognized Schools have also been covered under DISE 2010-11
3020514CHAUNTRA-2 block of MANDI district (State : HIMACHAL PRADESH) has the Highest Percentage of Schools Providing Mid-Day Meal (100.0%)
403PUNJAB has the Lowest Girls enrolment at Primary Level (45.3%)
504CHANDIGARH has the Lowest number of Schools in Rural Areas (31 schools)

मध्यान्ह भोजन योजना - एक परिचय

मध्यान्ह भोजन योजना - एक परिचय
मध्यान्ह भोजन योजना भारत सरकार तथा राज्य सरकार के समवेत प्रयासों से संचालित है| भारत सरकार द्वारा यह योजना 15 अगस्त 1995 को लागू की गयी थी, जिसके अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक प्रदेश के सरकारी/परिषदीय/राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में पढने वाले सभी बच्चों को 80 प्रतिशत उपस्थिति पर प्रति माह 03 किलोग्राम गेहूं अथवा चावल दिए जाने की व्यवस्था की यी थी| किन्तु योजना के अंतर्गत छात्रों को दिए जाने वाले खाद्यान्न का पूर्ण लाभ छात्र को न प्राप्त होकर उसके परिवार के मध्य बट जाता था, इससे छात्र को वांछित पौष्टिक तत्व कम मात्रा में प्राप्त होते थे|

यू-डायस डाटा कैप्चर फॉर्मेट 2014-15 देखें व डाउनलोड करें।

Tuesday, November 11, 2014

जूनियर टीईटी बीएड बेरोजगारों के लिए कोई विकल्प नहीं

इलाहाबाद (ब्यूरो)। राज्य सरकार की ओर से जूनियर टीईटी पास बीएड बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए अभी तक नौकरी का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। तीन वर्ष पूर्व प्रदेश भर में 2.50 लाख बीएड बेरोजगार जूनियर स्तर के लिए टीईटी पास करके बैठे हैं। इसमें 29 हजार टीईटी पास विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों की ही भर्ती हो सकी है। अभ्यर्थियों ने सरकार से उनके बारे में नीति स्पष्ट करने की मांग भी है। सरकार के असमंजस से टीईटी पास अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय बना है। अभी तक प्राथमिक विद्यालयों से शिक्षकों को प्रमोशन देकर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती दी जाती रही है। 
प्राथमिक विद्यालयों में सरकार की ओर से बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त बीएड बेरोजगारों की नियुक्ति करने का नियम है। बदली व्यवस्था के तहत अब सरकार से एनसीटीई की सिफारिश पर टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है। 

टीईटी अनिवार्य किए जाने के बाद सरकार ने प्राथमिक और जूनियर टीईटी परीक्षा का विकल्प दिया था। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में चयन के लिए तो सरकार की ओर से प्राथमिक टीईटी पास बेरोजगारों को भर्ती का विकल्प देने की बात की जा रही है, जबकि जूनियर टीईटी के लिए कोई सूचना जारी नहीं हुई है।

जूनियर टीईटी पास बेरोजगारों की नियुक्ति के लिए सरकार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की चयन नियमावली में परिवर्तन करना होगा।


सरकार की ओर से जूनियर स्तर के स्कूलों में नियुक्ति और चयन के लिए कोई नियम नहीं